प्रयोगशाला में एथिल ब्रोमाइड और डाई एथिल ईथर बनाने की विधि चित्र और रसायनिक सूत्र के साथ।

इस आर्टिकल में आप कक्षा 12 की दो बहुत ही महत्वपूर्ण प्रयोगशाला विधियों के बारे में जानने वाले हैं जो इस प्रकार से हैं - प्रयोगशाला में एथिल ब्रोमाइड बनाने की विधि के बारे में आपको बताएँगे और अभिक्रिया के  रसायनिक सूत्र के साथ साथ आपको इसके चित्र के साथ समझायेंगे की प्रयोगशाला में एथिल ब्रोमाइड किस तरह से बनाते हैं ? और दूसरी प्रयोगशाला विधि है जिसके बारे में हम बात करेंगे वो है डाई एथिल ईथर बनाने  की प्रयोगशाला विधि और इसकी रसायनिक अभिक्रिया के साथ चित्र भी देखेंगे। 

HEADINGS


प्रयोगशाला में एथिल ब्रोमाइड किस तरह से बनाते हैं ?

प्रयोगशाला में एथिल ब्रोमाइड को एथिल एल्कोहल को पोटैशियम ब्रोमाइड और सांद्र सल्फुरिक अम्ल के मिश्रण को गर्म करके बनाया जाता है। 

 रसायनिक अभिक्रिया --     

C2H5OH + KBr + H2SO4 ( सांद्र ) -------------> C2H5Br +KHSO4 +H2O

प्रयोगशाला में एथिल ब्रोमाइड किस तरह से बनाते हैं ?
प्रयोगशाला में एथिल ब्रोमाइड किस तरह से बनाते हैं?

प्रयोगशाला विधि --    सबसे पहले गुलपेंदी के फ्लास्क में एथिल एल्कोहल , पोटैशियम ब्रोमाइड तथा सांद्र सल्फुरिक अम्ल का मिश्रण लेते हैं। इसके बाद फ्लास्क  को छिद्रयुक्त  कॉर्क से बंद कर लेते हैं।  कॉर्क में एक निकशनली तथा फनल लगा देते हैं। निकशनली का दूसरा शिरा संघनित्र से जोड़कर ग्राही में डाल देतें हैं।  

फ्लास्क को बालू उष्मक पर रखकर धीरे- धीरे गर्म करते हैं ,तो एथिल ब्रोमाइड की वाष्प बनती है।  जो संघनित्र में पहुंचकर ठंडी होकर द्रवित हो जाती है , जिसे ग्राही में एकत्रित कर लेते है। इस प्रकार एथिल ब्रोमाइड को प्रयोगशाला में प्राप्त करते हैं। 


डाई एथिल ईथर की प्रयोगशाला विधि और रसायनिक अभिक्रिया-

प्रयोगशाला में डाई एथिल ईथर को एथिल एल्कोहल को सांद्र सल्फुरिक अम्ल के साथ 140  डिग्री सेंटीग्रेट पर गर्म करके बनाया जाता है। 

रसायनिक अभिक्रिया --                                   
C2H5OH + C2H5OH + H2SO4 सांद्र )   -------------> C2H5-O-C2H5 ( डाई एथिल ईथर ) + H2O 

डाई एथिल ईथर की प्रयोगशाला विधि और रसायनिक अभिक्रिया-
डाई एथिल ईथर की प्रयोगशाला विधि और रसायनिक अभिक्रिया


प्रयोशाला  विधि ---   प्रयोगशाला में डाई एथिल ईथर  को हम   गोलपंडी   के फ्लास्क में एथिल एल्कोहल तथा सांद्र सल्फ्यूरिक  अम्ल का मिश्रण  लेते हैं। इसके बाद फ्लास्क को छिद्रयुक्त  कॉर्क से बंद कर देतें हैं और  कॉर्क में एक निकशनली तथा फनल लगा  देतें हैं। निकशनली का दूसरा शिरा संघनित्र से जोड़कर ग्राही में डाल देतें हैं। 
अब  फ्लास्क को बालू उष्मक पर रखकर 140 डिग्री सेंटीग्रेट  पर गर्म करते हैं तो डाई एथिल  ईथर  की वाष्प  बनती है , जो संघनित्र  में पहुंचकर ठंडी होकर द्रवित या   द्रव  में परिवर्तित  हो जाती है।  अब  ग्राही में द्रवित डाई एथिल ईथर  को एकत्रित  कर लेते हैं।  इस प्रकार प्रयोगशाला में डाई एथिल  ईथर  को प्राप्त करते हैं और  डाई एथिल ईथर  को प्राप्त करने  की इस प्रक्रिया  को ही  डाई एथिल ईथर  की प्रयोगशाला विधि  कहते  हैं।  


डाई एथिल ईथर बनाने की विलियमसन विधि-

डाई एथिल ईथर बनाने की एक विधि महत्वपूर्ण है जो आपके बोर्ड परीक्षा में पूछी जा सकती है , जो इस प्रकार से है डाई एथिल ईथर बनाने की विलियमसन विधि।  यही विधि है जो आपसे आपके बोर्ड परीक्षा में पूछी जाती हैं , तो चलिए ये विधि भी जान लेते हैं। 

विलियमसन विधि---- एथिल ब्रोमाइड को सोडियम एथॉक्साइड के साथ गर्म करते हैं तो डाई एथिल ईथर बनता है, यही डाई एथिल ईथर की विलियमसन विधि है।  

C2H5Br +NaOC2H5 ---------> C2H5-O-C2H5 + NaBr

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